हर्बल टी पीने के इतने सारे फायदे | herbal tea ingredients, recipe and benefits in hindi

तो आज जानते है वो सब कुछ जो जुड़ा है आपकी चाय और उसको पीने की अदा से एक अच्छी चाय बनाने से पहले जान लीजिये की चाय कितने प्रकार की होती है ?

हर्बल टी पीने के इतने सारे फायदे | herbal tea ingredients, recipe and benefits in hindi

कैसे बनाये चाय जो आपमें ताज़गी के साथ सेहत भी भर दे। 

herbal tea ingredients, recipe and benefits in hindi -सामान्यतः स्वास्थ्यवर्धक चाय बनाने के लिए, आपको उचित चाय पत्तियों का चयन करना होगा। अच्छी गुणवत्ता के चाय पत्तियों का उपयोग करने से आपको ताजगी की अनुभूति होगी। चाय पत्तियों को संतुलित अनुपात में उबालें और निम्न तापमान पर ही उबालें, ताकि उनके पोषक तत्व संरक्षित रहें। साथ ही, स्वाद को और भी बेहतर बनाने के लिए आप चाय में कुछ मसालों का भी उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि अदरक, तुलसी, या लीमन ग्रास।

 इसके अलावा, चाय को स्वादनुसार शक्कर या शहद से मीठा कर सकते हैं, लेकिन ध्यान दें कि मात्रा में संतुलन बनाए रखें। इस तरह की स्वास्थ्यवर्धक चाय आपको ताजगी और सेहत का आनंद देगी। पर पहले पढ़ें चाय के अनेक प्रकार के बारे में और oddstree आपको बता रही है हर्बल चाय बनाने की विधि इसी पूरा पढ़ें। 

चाय के प्रकार Different types of Tea in hindi

मोटे तौर पर इसे दो भागो में विभाजित कर लेते हैं। 
  1. प्रोसेस्ड (Processed Tea )- कट टीअर एंड कर्ल (Cut , Tear and Curl )
  2. ग्रीन टी ( Green Tea )   -   नॉन प्रोसेस्ड (Non Processed )
प्रोसेस्ड चाय  (Processed Tea in Hindi )

प्रोसेस्ड चाय, जिसे अक्सर चाय बैग या टी बैग के रूप में भी जाना जाता है, चाय पत्तियों को छानकर, काटकर, और उन्हें छोटे टुकड़ों में बारीक करके बनाई जाती है। यह विभिन्न प्रकार की चाय की पत्तियों का मिश्रण होता है, जो अक्सर एकसाथ पैक किए जाते हैं। प्रोसेस्ड चाय को सीधे पानी में डालकर उबालकर पी सकते हैं या फिर उबले हुए पानी में चाय बैग को डालकर बना सकते हैं।

प्रोसेस्ड चाय के बारे में बाजार में कई विकल्प होते हैं, जिसमें आपको विभिन्न स्वाद और आकर्षक पैकेजिंग मिल सकती है। इसमें आमतौर पर चाय पत्तियों का मिश्रण और अन्य अद्भुत स्वादिष्ट संघटक शामिल होते हैं, जो आपको एक मजबूत, आरामदायक और स्वादिष्ट चाय का अनुभव देते हैं।

यह तरीका आमतौर पर जल्दी और सुविधाजनक होता है, जिससे आप जल्दी से चाय का आनंद ले सकते हैं। लेकिन, इसमें प्रक्रिया के दौरान चाय की पोषण मात्रा और गुणवत्ता में कमी हो सकती है, विशेषकर विशेष रूप से अगर यह प्रोसेसिंग कारखानों में लंबे समय तक स्टोर हो जाता है।

घर हो या रेस्त्रा ,होटल हो या चाय की गुमटी, या हो नुक्कड़ सभी जगह प्रोसेस्ड टी ही हमें अधिकतर मिलती है। 

ग्रीन टी ( What is Green Tea in Hindi)

ग्रीन टी में एंटी ऑक्सीडेंट्स सब प्रचुर मात्रा में होते हैं।  इसे दूध चीनी के बिना पीने की वजह से इसमें कैलोरी न के बराबर होती है। 

ग्रीन टी, एक प्रकार की चाय होती है जो उन्हीं पत्तियों का प्रयोग करके तैयार की जाती है, जिनकी प्रक्रिया में ऑक्सीडेशन को नहीं किया गया होता है। ग्रीन टी उन पत्तियों से बनती है जो पूरी तरह से नेचुरल और चाय के बागानों से तोड़ कर सुखाई होती हैं, और तत्काल प्रसंस्कृत किया जाता है। यह तरीका इसे प्राकृतिक स्वरूप से सुरक्षित रखने में मदद करता है और इसे अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाता है।

ग्रीन टी अच्छे स्वस्थ के लिए एक उत्तम स्रोत होती है इनमे अनेक प्रकार के प्राकृतिक अन्तिवायुक्त तत्वों के लिए, जैसे कि एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन्स काफी मात्रा में होते हैं। 

इसके नियमित सेवन से शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा मिलता है, और यह मन को शांति और स्थिरता प्रदान करती है। ग्रीन टी के सेवन से स्वास्थ्य के कई लाभ होते हैं, जैसे कि वजन नियंत्रण, मस्तिष्क की कार्यक्षमता का बढ़ावा, और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा, ग्रीन टी में काफी सरे फ्लेवर मौजूद होते हैं, जो इसे एक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बनाते हैं।

अब बात करते हैं हर्बल टी (Herbal Tea)  की।  यह चाय का कौन सा प्रकार है।  

 हर्बल टी क्या होती है (what is herbal tea in hindi)

जैसा की नाम से ही पता चला है की यह एक herbs से बानी चाय है जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इसे जड़ी बूटी मिला कर बनाया जाता है। जिससे ये स्वाद और सेहत से भरपूर हो जाती है। आइये जानते हैं कुछ हर्बल टी के बारे में।  

इसे भी पढ़ें -चाय का इतिहास 

आजकल की सबसे ज्यादा ट्रैंडिंग चाय ( जो चलन में है )

हर्बल टी लिस्ट Herbal Tea list in Hindi

  1. स्ट्रेस रिलीविंग टी 
  2. रिजूवेनेटिंग  टी 
  3. स्लिमिंग टी 
  4. आइस टी 

स्ट्रेस रिलीविंग टी क्या होती है। What is Stress reliving tea

स्ट्रेस रिलीफ टी, जिसे कई बार "कैल्मिंग टी" या "रिलैक्सेशन टी" भी कहा जाता है, एक प्रकार की चाय होती है जो तनाव को कम करने और मन को शांत करने में मदद कर सकती है। इसमें विभिन्न प्राकृतिक औषधीय तत्वों का मिश्रण होता है जो ध्यान, सांत्वना, और रिलैक्सेशन को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

स्ट्रेस रिलीफ टी के अनुकूल गुणों में अधिकांश चाय पत्तियों, जड़ी बूटियों, या अन्य उपयोगी तत्वों के मिश्रण से होते हैं। कुछ सामान्य स्ट्रेस रिलीफ चाय के संभावित तत्व निम्नलिखित हो सकते हैं:

स्ट्रेस रिलीविंग टी लिस्ट Best tea for stress and anxiety list in Hindi

  1. कैमोमाइल (Chamomile): कैमोमाइल चाय का सेवन तनाव और चिंता को कम करने में मदद कर सकता है और शारीरिक संतुलन को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।


  2. लेमन बाल्म (Lemon Balm): लेमन बाल्म चाय का सेवन मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकता है और मन को शांत कर सकता है।


  3. पीपरमिंट (Peppermint): पीपरमिंट चाय का सेवन चिंता और स्त्रेस को कम करने में मदद कर सकता है और मस्तिष्क को शांति प्रदान कर सकता है।


  4. ग्रीन टी (Green Tea): ग्रीन टी में मौजूद ल-थिएनिन, जो की एक आंतरिक शांति प्रदानकर अमीनो अम्ल है, स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है।


  5. अश्वगंधा (Ashwagandha): अश्वगंधा का सेवन भी स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है और मन को शांति प्रदान कर सकता है।

स्ट्रेस रिलीफ टी का सेवन समय-समय पर या जब आप महसूस करें कि आपका स्ट्रेस बढ़ रहा है, किया जा सकता है।

रिजूवेनेटिंग टी क्या होती है। What is rejuvenating tea in Hindi

रिजूवेनेटिंग टी एक प्रकार की चाय है जो शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसमें विभिन्न प्राकृतिक तत्वों का मिश्रण होता है जो शरीर की पुनर्निर्माण और ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। यह चाय सामान्यतः अधिक उत्साहित और प्रसन्नता का अनुभव करने में मदद करती है और शरीर को ताजगी और संजीवनी प्राप्त करने में मदद करती है।

रिजूवेनेटिंग टी  Types of rejuvenating tea in Hindi

  1. गिंको बिलोबा (Ginkgo Biloba): यह प्राचीन चीनी औषधि शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में मदद कर सकती है और मस्तिष्क की क्रियाशीलता को बढ़ावा देती है।


  2. हिबिस्कस (Hibiscus): हिबिस्कस फूल शरीर को ठंडा करता है और शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में मदद कर सकता है।


  3. जिंजर (Ginger): अदरक या जिंजर का सेवन शरीर की पुनर्निर्माण को बढ़ावा देता है और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है।


  4. ग्रीन टी (Green Tea): ग्रीन टी में प्राकृतिक तौर पर उपलब्ध एंटीऑक्सिडेंट्स और कैफीन शरीर को ताजगी और प्रेरित कर सकते हैं।


  5. गोटू कोला (Gotu Kola): गोटू कोला चाय शरीर को ऊर्जा और स्थायित्व प्रदान कर सकती है और याददाश्त को बढ़ावा देती है।

रिजूवेनेटिंग टी का सेवन आमतौर पर दिन में किया जाता है, जब आप महसूस करते हैं कि आपका शरीर या मन थक जाता है या जब आप आधिक ऊर्जा की आवश्यकता महसूस करते हैं।

स्लिमिंग टी क्या होती है। What is Sliming tea in Hindi

स्लिमिंग टी एक प्रकार की चाय है जो वजन कम करने और वजन नियंत्रण करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है। यह चाय विभिन्न प्राकृतिक तत्वों का मिश्रण होता है जो मोटापे को कम करने, वसा घटाने, और प्राकृतिक तरीके से वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

स्लिमिंग टी के प्रकार Sliming tea list in Hindi

  1. ग्रीन टी (Green Tea): ग्रीन टी में मौजूद अन्तर्यामी तत्व कैटेकिन्स और कैफीन मेटाबोलिज्म को तेजी से काम करने में मदद कर सकते हैं और वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।


  2. गुग्गुल (Guggul): गुग्गुल वसा को घटाने में मदद कर सकता है और वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।


  3. ट्रिफला (Triphala): ट्रिफला चाय पाचन को सुधारता है और वजन घटाने में मदद कर सकता है।


  4. लेमन ग्रास (Lemongrass): लेमन ग्रास शारीरिक अपायशुदा को कम करने में मदद कर सकता है और वजन नियंत्रण में मदद कर सकता है।


  5. धनिया (Coriander): धनिया का सेवन भोजन के बाद कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है और वजन नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।

आइस टी क्या होती है What is ice tea in Hindi

  1. आइस टी एक ठंडा चाय होती है जो आमतौर पर बर्फ के साथ सर्व की जाती है। यह एक प्रसिद्ध ठंडा पेय है जिसे गर्मी के मौसम में पसंद किया जाता है। आइस टी को विभिन्न स्वादों और अनुभवों के साथ बनाया जा सकता है, जैसे कि नींबू आइस टी, आम आइस टी, पुदीना आइस टी, आदि।

  2. आइस टी कैसे बनाते हैं Ice tea recipe in Hindi

    आइस टी बनाने की प्रक्रिया आसान होती है। पहले, चाय पत्तियों को पानी में उबालकर चाय का आधा अधा कप तैयार किया जाता है। फिर, इसे ठंडा करने के लिए फ्रिज में रखा जाता है। जब चाय पूरी तरह से ठंडी हो जाती है, तो उसमें बर्फ की कुच्छली और अन्य स्वादनुसार चीजों को मिलाया जा सकता है।

  3. आइस टी का सेवन कैसे करना चाहिए How to drink Ice tea in Hindi

    आइस टी विभिन्न तरीकों से सेवन किया जा सकता है। कुछ लोग इसे ठंडा सीधे पीते हैं, जबकि कुछ लोग इसे बर्फ के साथ काँच के गिलास में सर्व करते हैं। यह स्वाद और पसंद के अनुसार निर्भर करता है।

  4. आइस टी का सेवन कब करना चाहिए When we can drink Ice tea in Hindi

    आइस टी का सेवन गर्मी के मौसम में ठंडाई और रिफ्रेशिंग अनुभव प्रदान करता है। इसके साथ ही, इसमें अल्प मात्रा में कैफीन होता है, जो आपको जागरूक और सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। यदि आप चाहें, तो आप इसमें गुड़, शक्कर भी मिला सकते हैं। यह आपकी पसंद के अनुसार है।

चाय पीने से क्या होता है  Tea effects on body in Hindi

  1. एंटीऑक्सिडेंट्स की वृद्धि: चाय में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स कई स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ने में मदद कर सकते हैं, जैसे कि डायबिटीज, ह्रदय रोग, और कैंसर।


  2. दिल की स्वास्थ्य: कुछ अध्ययनों के अनुसार, चाय पीने से हार्ट के रोग का खतरा कम हो सकता है।


  3. वजन नियंत्रण: कुछ चाय, जैसे कि ग्रीन टी, मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देते हैं और वजन नियंत्रण में मदद कर सकते हैं।


  4. मस्तिष्क की कार्यक्षमता: कैफीन के माध्यम से, चाय आपके मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ा सकती है और आपको जागरूक और ध्यानाकर्षक बना सकती है।


  5. डाइजेशन को सुधारना: कुछ हर्बल चाय जैसे कि पुदीना चाय या जीरा चाय आपकी पाचन प्रक्रिया को सुधार सकते हैं और पेट की समस्याओं को दूर कर सकते हैं।


  6. स्ट्रेस कम करना: ध्यान देने वाली चाय जैसे कि कैमोमाइल चाय और लेमन बाल्म चाय मानसिक तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। 


चाय के गुण (फायदे) 

बुढ़ापे से बचने में मददगार है चाय का सेवन 

चाय में मौजूद एंटी एजिंग गुण बुढ़ापे की रफ़्तार को धीमा कर देते है। साथ ही फ्लोराइड हड्डियों को मजबूत बनता है। 

चाय के फायदे शारीरिक रोग में

कैंसर, हाई-कोलेस्ट्रॉल, एलर्जी, लिवर, दिल की बिमारियों तथा अर्थरिटिस ( गठिया ) की रोकथाम के साथ bad cholesterol को कंट्रोल कर सकती है चाय। 

 चाय के नुक्सान 

चाय का अधिक सेवन एसिडिटी, आयरन को ऑब्ज़र्व करने की छमता में कमी, खुश्की, दाँतों का पीलापन, पाचन में दिक्कत, नींद न आने की समस्या या फिर चाय की लत लग जाना आदि चाय के नुक्सान है। 

    साथ ही अगर आप चाय में दूध डाल कर पीते हैं तो चाय के गुण भी समाप्त हो जाते हैं। और चीनी होने के कारण शरीर में कैल्सियम की मात्रा भी कम होने लगती है। तो चाय को दूध और चीनी के साथ बनाना  बिलकुल ठीक नहीं होता। तो प्रश्न आता है की एक सही चाय कैसे बनायें। तो आज हम आपको चाय बनाने का सही तरीका बताने जा रहे हैं। 

चाय बनाने का सही तरीका क्या है?

    चाय बनाने के लिए आपको ताज़ा पानी उबालना है।  जब चाय के पानी में पहला उबाल आ जाये।  ध्यान रक्खें पानी बस 1/2 मिनट ही उबालना है। अब एक कप में चाय पत्ती डालें और सारा पानी कप में उड़ेल कर बर्तन को ढक  छोड़ दें।  
5 मिनट बाद इसे छान लें और अपने मनपसंद फ्लेवर के साथ एन्जॉय करें। 

सावधानी 

चाय पत्ती को कभी ज्यादा उबालना नहीं है उबालने से इसके फायदे ख़त्म हो जायेंगे।  

चाय का कितनी मात्रा में सेवन करें 

यदि आप उपरोक्त विधि से चाय बना रहे हैं साथ ही अपनी पसंद की herbs इस्तेमाल करें तो आप इसे 5 -6  कप भी पी सकते हैं। 
अधिकतम 8 कप चाय ही लें।  जो आपके शरीर को  5 -6  कप में Magnesium की 45 %  मात्रा ही मिल सकती है। 

एक मनुष्य को रोजाना कितने मैग्नीशियम की आवशयकता होती है 

हमें रोजाना 2 -5 mg मैग्नीशियम की आवश्यकता रोजाना होती है। गर्भवती महिलाओं को रोजाना 5 कप से ज्यादा चाय नहीं लेनी चाहिए। 

चाय कैसे और कब पियें 

चाय को सही समय पर पीना महत्वपूर्ण होता है ताकि आपको उसके स्वास्थ्य लाभ पूर्णतः मिल सकें। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव हैं जो आपको चाय कब और कैसे पीने में मदद कर सकते हैं:

सुबह: सुबह के समय चाय पीना शांति और ऊर्जा का स्रोत हो सकता है। एक कप गरम चाय आपके दिन की शुरुआत में आपको जागरूकता और सकारात्मकता प्रदान कर सकता है।

दोपहर:  दिन के बीच के समय में, जैसे कि दोपहर के खाने के समय के बाद, एक कप चाय आपके पाचन को सुधार सकता है और अधिक ऊर्जा प्रदान कर सकता है।

शाम:  शाम के समय में, चाय पीना आपको धीरज और सांत्वना प्रदान कर सकता है। एक कप चाय शाम के बाद के समय में आरामदायक अनुभव प्रदान कर सकता है।

रात:  रात के समय में, गर्म दूध के साथ चाय पीना शांति और आरामदायक नींद के लिए उपयुक्त हो सकता है। ध्यान दें कि कैफीन से युक्त चाय को रात में पीना आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है।

उपयोग की मात्रा:  अधिकतम स्वास्थ्य लाभ के लिए, दिन में 2-3 कप चाय का सेवन करें। ध्यान दें कि कैफीन की मात्रा को संयंत्रों पर आधारित चाय के सेवन में सीमित किया जाए।

हर्बल चाय: दूध की चाय प्राथमिकता देने की बजाय, हरे चाय, ग्रीन चाय, या हर्बल चाय का सेवन करें, जो की स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होता है।

साथ ही, आपको अपने स्वास्थ्य और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के आधार पर चाय के प्रकार और मात्रा को नियंत्रित करना चाहिए।

क्या होती है हर्बल टी  What is herbal Tea in Hindi 

    यह चाय पारम्परिक चाय से अलग होती है जो पूरी तरह से भारतीय है। इसमें विभिन्न प्रकार के ताज़े फूल, बीज, जड़ और सुखी औषधियां मिलायी जाती हैं। 
    
आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं की हर्बल टी में एंटी ऑक्सीडेंट और कोलेस्ट्रॉल भरपूर मात्रा में होते हैं।  जो हृदय के लिए काफी अच्छा होता है। एथ -थिएनाइन, जो की ग्रीन टी में होता है यह आपकी Immunity Boost करने में तथा स्लिम करने में सहायक होता है। 
 आयुर्वेदिक टर्म की बात करें तो इसमें चाय नहीं बल्कि काढ़ा शब्द का प्रयोग होता है। 

हर्बल टी ( काढ़ा ) के लाभ 

 जुकाम, साइनस, जोड़ो के दर्द, शरीर को ठंडक पहुंचने, पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने, सर दर्द, कब्ज, मोटापा, तनाव,आदि में हर्बल टी यानि आयुर्वेदिक काढ़ा रामबाण है। 
      

हर्बल टी बनाने की विधि How to make Herbal Tea in Hindi 

कैमोमाइल टी - कैमोमाइल चाय एक प्रसिद्ध और पुरानी चाय है जो कैमोमाइल पौधे के फूलों से बनाई जाती है। इस चाय में कैमोमाइल पौधे के फूलों में मौजूद गुणों का लाभ होता है और इसे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के रूप में प्रयोग किया जाता है।

 कैमोमाइल चाय का सेवन तनाव को कम करने, अच्छी नींद को प्रोत्साहित करने, पाचन को सुधारने, और विषाक्तता को कम करने में मदद कर सकता है। यह चाय अधिकतम लाभ के लिए ठंडे पानी में डालकर तैयार की जाती है और मध या शहद के साथ पी जाती है। 

इसका सेवन बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए लाभदायक हो सकता है।प्राचीन काल में मिस्र के लोगों द्वारा इन फूलों की खेती होती थी 

कैसे बनाए कैमोमाइल टी How to make Chamomile Tea in Hindi 

 बबूने के फूलों को 100 ml पानी में अच्छी तरह उबाल कर ठंडा कर लें और सेवन करें। 

कैमोमाइल टी पीने के लाभ Benefits of chamomile Tea in Hindi 

कैमोमाइल चाय एक प्रकार की चाय है जो कैमोमाइल पौधे (Matricaria chamomilla) के फूलों से बनाई जाती है। यह प्राकृतिक रूप से आंतिमिकषाय के लाभों के लिए प्रसिद्ध है, और इसका सेवन विभिन्न स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। यहाँ कुछ मुख्य लाभ हैं जो कैमोमाइल चाय पीने से हो सकते हैं:

  1. तनाव कम करना: कैमोमाइल चाय में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स कार्यकारी होते हैं, जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसका सेवन शांति और सुकून प्रदान कर सकता है।


  2. अच्छी नींद का : कैमोमाइल चाय का सेवन अच्छी नींद को प्रोत्साहित कर सकता है। इसमें मौजूद तत्वें शांति प्रदान करते हैं, जो नींद को बढ़ावा देते हैं और अनियमित नींद की समस्याओं को दूर कर सकते हैं।


  3. पाचन को सुधारना: कैमोमाइल चाय का सेवन पाचन को सुधार सकता है और पेट की समस्याओं को दूर कर सकता है, जैसे कि अपच, गैस, और पेट की खराबी।


  4. विषाक्त तत्व बहार करना: कैमोमाइल चाय में विषाक्त तत्व शरीर से बहार करने के गुण होते हैं जो शरीर के विषाक्त को निकाल सकते हैं और सामान्य रूप से शरीर को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।


  5. स्किन की स्वास्थ्य: कैमोमाइल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इसका बाह्य उपयोग स्किन इरिटेशन को कम करने और कई त्वचा समस्याओं को ठीक करने में मदद कर सकता है।

अनियमित माहवारी, गैस, मांसपेशियों का खिचाव, किडनी व अनिद्रा के लिए फायदेमंद है।    
 क्रायेथेसिम टी (गुलदावदी )- स्वाद और सुगंध की रानी इस चाय में  Vitamin -C  और Vitamin -                       A  काफी मात्रा में पाया जाता है। इम्युनिटी के लिए काफी अच्छी है ये चाय। 

 क्रायेथेसिम टी पीने के लाभ 

    त्वचा रोग, आई ड्राई नेस , सर्दी खॉंसी, जुकाम, कफ, बुखार, आदि में लाभकारी होती है तथा शरीर को ठंडक देती है। 

          3  जैस्मिन टी - चमेली की खुशबू वाली यह चाय महिलाओं की सबसे लोकप्रिय चाय है। 


 जैस्मिन टी पीने के लाभ-

     बढ़ती उम्र के प्रभावों को नियंत्रित करती है। एंटी आक्सीडेंट तथा फ्री रेडिकल्स त्वचा की सुरक्षा परत बनती है।  हाई  ब्लड प्रेस्सेर तथा कैंसर सेल्स की वृद्धि रोकने में मदद करती है। 



देसी हर्बल टी 

    सर्वाधिक लोकप्रिय चाय यानि की काढ़ा, अदरक, सौंफ, तुलसी की पत्ती, दालचीनी को बराबर मात्रा में पानी में ढक कर बनाई गई यह चाय काफी ज्यादा लोकप्रिय है। 

काढ़ा पीने के लाभ 

जुकाम, सर्दी, खांसी, बुखार, अपच, सिरदर्द, एसिडिटी, आदि में लाभकारी। 

            5  गुड़हल टी -   गुड़हल के फूलों को अच्छी तरह पानी में उबाल कर नीम्बू के साथ सेवन करें। 

गुड़हल टी पीने के लाभ- 

    यह चाय ख़राब कोलेस्ट्राल को ख़तम करती है। हाई  ब्लड प्रेशर और कैंसर के खतरे को काम करती है। 

इसी प्रकार 

पिपरमेंट टी, सिंहपर्णी टी, डंडेलियनं टी, वाइट टी-जो की कैमेलिया सिनेसिस के पौधों से बनती है। एंटी एजिंग फार्मूले की वजह से काफी लोकप्रिय है।  

               6 . कैनबिस (भांग) की चाय -आम तौर पर यह बनाई नहीं जाती तर इसका सेवन पुराने दर्द, पेट की                        ऐठन जैसी समस्याओं को दूर करने में किया जा सकता है   
             7 . स्टार अनीस टी - कब्ज, उलटी और एसिडिटी के लिए काफी फायदेमंद होती है। 

              8 . रोज़ टी - चेहरे पर निखार के लिए बना सकते हैं। 

हर्बल टी पीने के नुक्सान -

  • स्तन पान करने वाली महिलाओं को तथा गर्भ धारण के समय भांग की चाय या वाइट टी नहीं पीनी चाहिए।  
  • हर्बल टी वजन काम कर सकती है। 
  • हर्बल टी को सपोर्ट के रूप में ले सकते हैं पर वजन नियंत्रण के लिए इसपर पूर्ण रूप से निर्भर नहीं रहना चाहिए। 

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